Sunday, September 13, 2020

Last days & U

Itz the last days of my life
I want you to hold me
I wanna be with you to fly

Itz the last days of my life
I want you to tear my heart
I wanna be with you to cry

Itz the last days of my life
I want you to listen my mum
I wanna be with you and try

Itz the last days of my life
I loved you and I liked you 
I wanna be with you or die..

Saturday, August 1, 2020

सूक्ष्म कथा -९ (गलतफहमी

सूक्ष्म कथा -९ (गलतफहमी)
पास ही के घर में विधवा धनु अपनी बेटी के साथ रहने आई। दोनों परिवारों में हेम-क्षेम बढ़ने लगा और पुराने पति-पत्नी में तकरार बढ़ने लगी।
आज वर्षों बाद पति पत्नी पृथक् एकाकी जीवन बिता रहे हैं।
पति को न्योता आया है, धनु की बेटी का विवाह है, मामा की हैसियत से कन्यादान करने का आग्रह है।

सूक्ष्म कथा -८ (अवसर)

सूक्ष्म कथा -८ (अवसर)
मिथिला में कोशी नदी के दोनों तरफ उपजाऊ जमीन पर हर साल बाढ़ आती थी। किसान बाढ़ से पहले धान की बुआई कर देते और बाढ़ के लौटने से पहले नाव में घूम कर पके धान की बालियों को काट लेते।

सूक्ष्म कथा -७ (बहू-बेटी)

सूक्ष्म कथा -७ (बहू-बेटी)

होली में घर आए बच्चे लाकडाउन में परिवार के साथ फंस गए।  मनु की मां भी बहुत खुश हैं कि इसी बहाने बेटे बहू के साथ कुछ दिन रहेगी। उसे बस यही चिंता सता रही है कि उसकी बेटी तनु अपने ससुराल में इतने दिन कैसे काटेगी।

Thursday, July 30, 2020

सूक्ष्म कथा -६ (अधिकार)

सूक्ष्म कथा -६ (अधिकार)
'मैं' बोला - "वो मेरा है।" 'तुम' बोला -"वो मेरा है।" 
'मै' और 'तुम' के अधिकार-युद्ध में, कर्त्तव्य कहीं खो गया।
'वो' हताश असमंजस में - "मेरा अधिकार कहां खो गया।"

सूक्ष्म कथा - ५ (मकसद)

सूक्ष्म कथा - ५ (मकसद)
पंडाल में नेता जी दान दे रहे, वोट पाने के लिए।
कुछ आवारे साथ दे रहे, रात के जुगाड़ के लिए।
इक मां हाथ फैला, फोटो खिंचवा रही, रोटी बनाने के लिए।
इक पिता हाथ फैला, मुंह छुपा रहा, इज्जत बचाने के लिए।

Wednesday, July 29, 2020

सूक्ष्म कथा -४ (मेरी डायरी का एक पुराना पन्ना!)

मेरी डायरी का एक पुराना पन्ना!!

ये मैं हूँ ---
हमेशा स्वस्थ, सानंद, लोगों को ख़ुशी और प्यार देने वाला, हर कला और साहित्य  के प्रति अपने दिल में उमंग रखने वाला, हर क्षण में अपने लिए ख़ुशी पाने वाला, हर नए व्यक्ति से मित्रतापूर्ण रिश्ता कायम करता, अपने रिश्तों को जीने वाला, उन रिश्तों को अपने कष्टों से ऊपर मानकर सर्वस्व न्योछावर करने को उद्धत और अपने प्रति लोगों की स्नेहमयी दृष्टि और अपने ऊपर उनके भरोसे को ही अपनी सफलता और कर्मशीलता का आधार बनाता सतत कर्मरत, अथक और अपने जीवन से संतुष्ट I